What is firewall in hindi

फ़ायरवॉल क्या हैं (what is firewall in hindi) आज के इस आर्टिकल में हम आपको फ़ायरवॉल से जुडी सम्पूर्ण जानकारी देने वाले हैं 

पहले के समय में किसी कार्यालय या banks कि महत्वपूर्ण जानकारी या दस्तावेज कागज या फ़ाइल के फॉर्मेट में होते थे और जिनकी सुरक्षा के लिए हम सिक्योरिटी गार्ड को तैनात किया जाता था जिससे कोई दस्तावेज कि चोरी या उनमे कुछ बदलाब ना किया जा सके |

परन्तु जब से इंटेरनेट का जमाना आया हैं तब से सभी प्रकार का डाटा और जानकारी कम्प्यूटर्स में store करके रखते हैं लेकिन अपने फिल्मो में देखा होगा कि हैकिंग एक्टिविटीज कितनी बढ़ चुकी हैं तो हैकर्स से इन कंप्यूटर कि सुरक्षा के लिए हम आज के समय में गॉर्ड के स्थान पर फ़ायरवॉल को तैनात करते हैं 

अब आप सभी के मन मैं एक सबाल जरूर उठ रहा होगा कि आखिर ये फ़ायरवॉल क्या होता हैं, तो चलिए आपके इस सबाल का जबाब जानते हैं |

फ़ायरवॉल क्या हैं? (What is firewall in hindi)

फ़ायरवॉल एक नेटवर्क सिक्योरिटी डिवाइस हैं जो कि नेटवर्क में आने और जाने वाले नेटवर्क ट्रैफ़िक पर नजर रखते हैं और इस नेटवर्क के अंदर आने जाने वाले ट्रैफ़िक को चेक करते हैं और पहले से सुनिश्चित नियमों के आधार पर नेटवर्क में आने और जाने कि परमिशन देते हैं |

इसको उपयोग करने के पीछे का उद्देश्य अपने इंटरनल नेटवर्किंग एरिया के आसपास एक सुरक्षा कि दीवाल खड़ा करना हैं जिसमें कोई बाहर के नेटवर्क (जैसे कि इंटरनेट) इसमें प्रवेश ना कर सके हैं |

फ़ायरवॉल किसी भी नेटवर्क में एक सुरक्षा कर्मी का कार्य करती हैं और फ़ायरवॉल सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर डिवाइस के रूप होती हैं और आज के windows के लैपटॉप में फ़ायरवॉल pre-install रूप से आती हैं, चलिए अब जानते हैं कि एक फ़ायरवॉल कार्य कैसे करती हैं |

फ़ायरवॉल कैसे काम करती हैं? (How does a firewall works)

अभी अपने जाना कि फ़ायरवॉल क्या हैं चलिए अब जान लेते हैं कि फ़ायरवॉल काम कैसे करती हैं फ़ायरवॉल कि कार्य विधि को एक उदाहरण के तहत समझने कि कोशिश करते हैं|

किसी भी देश के चारो ओर एक फैंसिंग कि दीवार होती हैं जिससे कोई आतंकवादी या बाहर का व्यक्ति देश में प्रवेश ना कर सके और अगर किसी को देश में प्रवेश करना हैं तो यूज़ वीजा और अन्य दस्तावेज कि आवश्यकता पडती हैं और अपने देश के अधिकारी उस व्यक्ति कि जाँच पड़ताल करते हैं इसके बाद ही यूज़ देश में प्रवेश दिया जाता हैं |

ठीक इसी प्रकार से एक इंटरनल नेटवर्क भी एक देश कि तरह हैं और फ़ायरवॉल उस फैंसिंग कि दीवार कि तरह जिसके अंदर और जिसके बाहर कोई भी मैलवेयर, वायरस या हैकर प्रवेश नहीं कर सकता हैं यदि वह एक बार प्रवेश कर जाता हैं तो वह बाहर नहीं निकल सकता हैं |

Basicaly जब भी कोई बाहर नेटवर्क का data पैकेट या नेटवर्क का यूजर आपके इंटरनल नेटवर्क में प्रवेश करने कि कोशिश करता हैं तो वह रिक्वेस्ट सबसे पहले उस नेटवर्क में तैनात फ़ायरवॉल के पास पहुँचता हैं और फ़ायरवॉल एक तरह का सॉफ्टवेयर प्रोग्राम होता हैं जिसमें पहले से ही नियम और शर्ते होती हैं वह उस data पैकेट या यूजर से उन नियमों का मिलन करते हैं और उसके वह उसमें पहले प्रोग्राम किए गए, एक्शन को लेना होता हैं | 

और यह एक्शन निम्नलिखित हो सकते हैं जैसे कि उसे allow करना हैं या फिर reject करना हैं या फिर उसे drop करना हैं|

तो इस तरह से फायरवाल आपके प्राइवेट नेटवर्क में जाने और आने वाले नेटवर्क ट्रैफ़िक पर नज़र बनाए रखता हैं और हर आने जाने वाले data पैकेट कि जाँच करता हैं जिससे आपके इंटरनल नेटवर्क एरिया में कोई हानिकारक सॉफ्टवेयर जैसे मैलवेयर, वायरस और हैकर्स प्रवेश नहीं कर पाते हैं |

अभी तक जान चुके हैं कि फ़ायरवॉल क्या होता हैं और कैसे काम करता हैं और आगे आप जानेंगे कि फ़ायरवॉल कितने प्रकार कि होती हैं |

फ़ायरवॉल कितने प्रकार कि होती हैं? 

फायरवॉल दो तरह कि होती हैं या तो सॉफ्टवेयर के फॉर्म में होती हैं या फिर वह हार्डवेयर के फॉर्म में हो सकती हैं |सॉफ्टवेयर फ़ायरवॉल एक प्रोग्राम होता हैं जिसे प्रत्येक कंप्यूटर में install किया जाता हैं और यह port नंबर और एप्लीकेशन के जरिए, ट्रैफ़िक पर नजर रखता हैं जबकि physical या hardware फायरवॉल आपके नेटवर्क के बीच में लगे उपकरण या gateway का एक हिस्सा होता हैं 
  • Software firewall 
  • Hardware firewall


Conclusion -

मुझे उम्मीद हैं कि आपको आज के आर्टिकल में साझा कि गई जानकारी पसंद आयी होंगी, हमें कमेंट कर जरूर बताए कि आपको यह जानकारी कैसी लगी, और आप आपके सुझाव भी कमेंट कर बता सकते हैं इसी तरह कि जानकारी के लिए बने रहिए हमारे साथ | धन्यवाद!

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