Antivirus in hindi

आज के समय में अगर आपको किसी के बारे में जानकार प्राप्त करनी हैं तो आप उसके सोशल मिडिया प्रोफाइल को चेक कर लीजिए, आपको उनके बारे में सभी जानकारी मिल जाएगी, परन्तु अगर बात कि जाए अगर आपको उसके निजी और पर्सनल इनफार्मेशन कि तो आप किसी लैपटॉप चेक कर लीजिए आपको उसके बैंक डिटेल्स, क्रेडिट और डेबिट कार्ड डिटेल्स तक मिल जाएगी |

आप सोशल मीडिया पर शेयर कि गई, जानकारी को तो लोगो के देखने से नहीं रोक सकते हैं परन्तु आप आपके लैपटॉप से आपके जानकारी चोरी होने से जरूर रोक सकते हैं वही हम आज आपको इस पोस्ट में बताने वाले हैं|

कि एंटीवायरस क्या होता हैं और कैसे काम करता हैं और आप इसे कैसे उपयोग कर सकते हैं, आप में से बहुत से लोग शायद अपने कंप्यूटर में एंटीवायरस को उपयोग कर रहे होंगे, परन्तु शायद आपको इससे संबंधित सम्पूर्ण जानकारी ना तो आप भी इस पोस्ट को पढ़ सकते हैं |

एंटीवायरस क्या हैं? (What is Antivirus in hindi? )

एंटीवायरस ऐसे सॉफ्टवेयर होते हैं जो कि आपके कंप्यूटर या लैपटॉप में मौजूद वायरस, मैलवेयर, ट्रोजन और अन्य खतरनाक सॉफ्टवेयर प्रोग्राम जो कि आपके कंप्यूटर में मौजूद होते हैं परन्तु आपकी नज़र में नहीं आते हैं और आपके पर्सनल जानकारी को चुराते हैं जैसे कि इंटरनेट बैंकिंग के आईडी और पासवर्ड, क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड डिटेल्स कि चोरी या फिर आपको पता भी नहीं चलता हैं और आपका कंप्यूटर किसी और के लिए काम करने लगता हैं 

इस तरह के खतरनाक सॉफ्टवेयर प्रोग्राम्स अगर आपके कंप्यूटर में मौजूद हैं उनकी पहचान करके उनको आपके कंप्यूटर से delete करना और आपके कंप्यूटर के अंदर कोई मैलवेयर या सॉफ्टवेयर ना आए, इस तरह कि सभी प्रकार कि सुरक्षा करते हैं इस तरह के सॉफ्टवेयर प्रोग्राम को एंटीवायरस कहा जाता हैं 

वर्तमान समय में आपको बहुत सारे एंटीवायरस मिल जाएँगे, जिसके जरिए आप अपने कंप्यूटर कि सुरक्षा को मजबूत कर सकते हैं 

इस तरह के एंटीवायरस बड़ी-बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनियों के द्वारा बनाए, जाते हैं चलिए पहले जानते हैं कि आखिर कर एक एंटीवायरस काम कैसे करता हैं? 

एंटीवायरस काम कैसे करता हैं? (How does antivirus works? )

एंटीवायरस आपके कंप्यूटर या लैपटॉप में उपलब्ध सभी प्रकार कि फ़ाइल को चेक करते हैं और यह इस चेक के दौरान अगर आपके computet में कोई फ़ाइल या सॉफ्टवेयर प्रोग्राम अफेक्टेड पाए जाते हैं तो यह आपको सूचित करते हैं और इस तरह के सॉफ्टवेयर और फ़ाइल को delete करने में आपकी मदद करते हैं 

Basicaly ये सभी सॉफ्टवेयर में पहले से ही मार्केट में मौजूद वायरस और मैलवेयर से जुडी जानकारी होती हैं और उनके लक्षण होते हैं और यह इन्ही से आपके सभी फ़ाइल का मिलान करके देखते हैं और अगर कोई सॉफ्टवेयर या फ़ाइल इनसे मेल खाता हैं तो यह उन्हें वायरस प्रभावित list में डाल देते हैं और निष्क्रिय कर देते हैं

और आपके सामने लेट हैं और आपसे पूछते हैं कि क्या आप इन्हे delete करना चाहते हैं और यह इन्हे delete करने में आपकी मदद भी करते हैं 

अब एक आपको बताना बहुत जरूरी हैं कि आपसे कहा जाता हैं कि एंटीवायरस को हमेशा अपडेटेड करते रहना चाहिए, ऐसा इसलिए कह जाता हैं क्योंकि मार्केट में रोजाना नए नए वायरस और मैलवेयर आते रहते हैं तो यह कंपनियां इनके लक्षण और इनके तोड़ को अपने एंटीवायरस तक पहुंचाते हैं 

जिससे वह नए नए वायरस और मैलवेयर से आपकी सुरक्षा कर सके, तो हमेशा अपने सॉफ्टवेयर और एंटीवायरसेस को अपडेटेड रखना चाहिए |

Note : चूँकि paid antivirus कोई सा भी उपयोग करते हैं सभी अच्छे से work करते हैं और फ्री एंटीवायरस मैं आपको उपयोग करने कि कभी भी सलाह नहीं देता हूँ !इसीलिए मैंने आपको कोई एंटीवायरस का नाम नहीं बताया हैं|

एंटीवायरस कितने प्रकार के होते हैं? (Type of antiviruses in hindi? )

एंटीवायरस दो तरह के होते हैं और दोनों ही प्रकार के बारे में हम आपको विस्तार से जानकारी देंगे, और एंटीवायरस निम्नलिखित दो तरह के होते हैं |

  1. Paid Antivirus 
  2. Free Antivirus 

Paid Antivirus 

पेड एंटीवायरस से अभिप्राय हैं कि यह वह सॉफ्टवेयर प्रोग्राम होते हैं जिनको कंपनियों के द्वारा बनाए जाते हैं और बेचे जाते हैं, जो कि आपको कुछ अडिशनल फ़ीचर्स और रेगुलर updates प्रोवाइड करते हैं 

इस तरह के एंटीवायरस सॉफ्टवेयर फ्री वाले से कई गुना अच्छा और सुरक्षित होते हैं मार्केट में आपको बहुत से पेड एंटीवायरस मिल जाते हैं आप इसमें से कोई एंटीवायरस को खरीद सकते हैं 

Free Antivirus 

ऐसी बहुत से एंटीवायरस सॉफ्टवेयर मार्केट में मौजूद हैं जो कि आपको फ्री में मिल जाते हैं अब आपके मन मैं एक सबाल उठ रहा होगा, कि ऐसा क्यों हैं कि कुछ एंटीवायरस फ्री हैं और कुछ पेड हैं 

अब जो पेड vale होते हैं उनमे आपको किसी तरह का एड्स नहीं देखनो को मिलता, परन्तु अगर आप एक फ्री एंटीवायरस को यूज़ करते हैं तो आपको इसमें एड्स देखने को मिलते हैं 

और कुछ फ्री एंटीवायरस आपके कंप्यूटर में bitcoin माइनिंग भी करते हैं और आपको पता भी नहीं चलता हैं और फ्री एंटीवायरस आपके डाटा को अपने database को भेजते हैं |

इसीलिए आप कभी भी फ्री एंटीवायरस का यूज़ ना करें, अगर आप आपके कंप्यूटर में सिर्फ browsing फेसबुक और डाटा entry और नार्मल work के लिए उपयोग करते हैं और आपको लगता हैं कि आपके कंप्यूटर में कोई सेंसटिव जानकारी नहीं होती हैं 

तो आपको एंटीवायरस को उपयोग करने कि कोई आवश्यकता नहीं हैं क्योंकि आजकल windows में आपको इनबिल्ट फ़ायरवॉल का सपोर्ट मिलता हैं फायरवाल एक अलग टॉपिक हैं जिसके बारे में हम आपको आने वाले पोस्ट में विस्तार से बताएँगे |


Conclusion - 

मुझे उम्मीद हैं कि आपको हमारे द्वारा दी गई आज कि यह जानकारी आपको पसंद आई होंगी, अगर आपको यह जानकारी पसंद आई तो हमें कमेंट कर जरूर बताए, और इसी तरह कि जानकारी के लिए हमारे साथ बने रहिए | धन्यवाद !

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