omputer virus in hindi

कंप्यूटर वायरस क्या हैं? और कितने प्रकार के होते हैं और कैसे काम करते हैं क्या आप भी इन सभी प्रश्नों के उत्तर ढूंढ रहे हैं तो आप बिलकुल सही जगह पर पहुचे हैं क्योंकि आज के इस पोस्ट में हम वायरस /मैलवेयर के बारे में विस्तार से जानेंगे |

आज से पहले ना जाने कितने सारे वायरस, मैलवेयर आ चुके हैं जिन्होंने लगभग बहुत से कंप्यूटर को क्षति पहुंचाई, और ना जाने आए दिन कितने वायरस को बनाया जाता हैं आपको जरुरत हैं तो सिर्फ इनसे बचने और सावधान रहने कि,  

परन्तु इससे पहले आपको इनके बारे में जानकारी भी तो होनी चाहिए कि आखिर वायरस, मैलवेयर वॉर्म्स ट्रोजन इत्यादि होते क्या हैं और काम कैसे करते हैं आप इनसे कैसे बच सकते हैं!

मैलवेयर/वायरस क्या हैं? (malware/virus kya hai)

मैलवेयर या वायरस ऐसे सॉफ्टवेयर प्रोग्राम होते हैं जिन्हे हमारे कंप्यूटर को क्षति पहुंचाने या हमारे कंप्यूटर से हमारी पर्सनल जानकारी और बैंकिंग से जुडी जानकारी जैसे कि इंटरनेट बैंकिंग id और पासवर्ड, डेबिट कार्ड, क्रेडिट क्रेडिट आदि जानकारी को चुराने के लिए बनाया जाता हैं ये आपके सिस्टम में आपकी जानकारी के बिना ही घुस जाते हैं और अपने आप ही अपने कार्य को शुरु कर देते हैं !

मैलवेयर आपके कंप्यूटर में गुप्त रूप में रहते हैं और अपना काम करते रहते हैं और यह आपके कंप्यूटर सिस्टम को कमजोर कर देते हैं जैसे कि आपकी इम्पोर्टेन्ट फ़ाइल को delete या फिर ख़राब कर देते हैं और आपके आप को copy कर कर के आपके कंप्यूटर मेमोरी को फुल कर देते हैं जिससे आपके सिस्टम कि मेमोरी भर जाती हैं 

या फिर आपके कंप्यूटर कि window में इतने पॉप उप ads आने लगते हैं और आपके जरुरी सभी सॉफ्टवेयर को ये delete या उनकी कुछ इम्पोर्टेन्ट फ़ाइल को डिलीट कर देते हैं जिससे वह काम करना बंद कर देते हैं |

इससे पहले कि हम मैलवेयर कि कार्य विधि और रोकथाम के उपाय को जाने, चलिए जान ले कि आखिर मैलवेयर कितने प्रकार के होते हैं |

मैलवेयर कितने प्रकार के होते हैं? (Type of virus, malwares)

नीचे आपको मैलवेयर के कुछ कॉमन और प्रसिद्ध मैलवेयर के बारे जानकारी दी गई हैं !

1.वायरस (virus) - वायरस बिल्कुल एक फ़्लू कि तरह होता हैं परन्तु फर्क सिर्फ इतना होता हैं जिस तरह हैं हम मनुष्यों में फ़्लू एक दूसरे के सम्पर्क में आने से फैलता हैं ठीक उसी तरह से कंप्यूटर वायरस भी एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में फैलता हैं और अगर किसी वायरस से प्रभावित कंप्यूटर को एक नेटवर्क में फ़ैल जाए तो यह आपके पूरे नेटवर्क को भी प्रभावित कर सकता हैं ! 

वायरस एक ऐसी प्रोग्रामिंग के तहत कोड किए गए प्रोग्राम होते हैं जो कि एक बार आपके कंप्यूटर में प्रवेश कर लेते हैं फिर पूरा ऑपरेटिंग सिस्टम को अपने control में कर लेते हैं और आपके डाटा कि चोरी एवं अन्य हानि कारक कार्य को अंजाम देते हैं|

2.वोर्म्स (worms) - वोर्म्स वह मैलवेयर होते हैं जो कि self operated होते हैं जो कि अपने आप कि copy कर करके आपके कंप्यूटर में मेमोरी को भर देते हैं और आपके डाटा कि चोरी करते हैं और आपके सिस्टम कि सिक्योरिटी को कमजोर बना देते हैं और आपके सिस्टम में अन्य वायरस को घुसने के लिए backdoors का निर्माण करते हैं 

यह आपने आप कि इतनी copy बना देते हैं आपके सिस्टम में जिससे आपका सिस्टम काम करना बंद कर देते हैं और जिससे आपकी hard disk भी क्रैश हो जाती हैं |

3. ट्रोजन (Trojan) - ट्रोजन भी एक प्रकार का मैलवेयर (malicious code of program) हैं जो कि आपके कंप्यूटर में छिपते-छिपाते कंप्यूटर मे प्रवेश करता हैं और उसके बाद अन्य वायरस को अंदर आने के लिए back door का निर्माण करता हैं और यह आपके सिस्टम में इनस्टॉल फ़ायरवॉल को भी ब्रेक कर देता हैं 

अगर आप कोई क्रैक सॉफ्टवेयर या सांग या मूवी डाउनलोड करते हैं तो आपको सावधान रहने कि जरुरत हैं क्योंकि सॉफ्टवेयर में भी इनबिल्ड होते हैं 

4. Spyware - इस तरह के मैलवेयर के आपके कंप्यूटर सिस्टम में एक बार प्रवेश करने के बाद आपको अपनी मौजूदगी का पता भी नहीं चलने देते हैं और बैकग्राउंड में ही अपना काम करते हैं और आपके इंटरनेट उसेस कि जानकारी adsvertising कंपनी को sell करते हैं और आपके सिस्टम में ads डालते हैं और आपके डाटा को चोरी करते हैं और उसका mis-use करते हैं |


मैलवेयर या वायरस से कैसे सावधान रहे हैं? 

मैलवेयर से बचाव ही सबसे अच्छा उपाय हैं और आप इससे निम्नलिखित सावधनियों को वरत कर आपके सिस्टम को सुरक्षित बना सकते हैं |





  • कभी भी इंटरनेट से किसी भी क्रैक सॉफ्टवेयर को डाउनलोड ना करेंगे क्योंकि वह मैलवेयर से प्रभावित हो सकता हैं जो कि आपके लिए ख़तरनाक सावित हो सकता हैं |





  • ऐसे ईमेल जिनके बारे में आप नहीं जानते हैं या कोई आपको कोई अनजान व्यक्ति ईमेल के जरिए कोई attachment भेजता हैं तो इसे ओपन या डाउनलोड ना करेंगे|





  • ऐसी वेबसाइट को विजिट ना करेंगे, जो सिक्योर ना हो या malicious हो और जिनमें pop-up ads आते हो |





  • अगर आप आय दिन इंटरनेट से कुछ ना कुछ डाउनलोड करते रहते हैं तो एंटीवायरस का प्रयोग जरूर करें |





  • अगर हो सके तो अपने ब्राउज़र में ad-blocker का उपयोग जरूर करें |

  • Conclusion-

    मुझे उम्मीद हैं कि आपको आज कि यह जानकारी पसंद आयी होंगी, आपको यह जानकारी कैसी आप हमें कमेंट कर बताए और इसी तरह कि जानकारी के लिए हमारे साथ बने रहिए | धन्यवाद!

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